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Sunday, February 9, 2025

जमुई में विंग कमांडर की शिकायत के बाद विद्यालय अवधि में बेंच पर लेटकर वीडियो कॉल करने के आरोप पर शिक्षक से मांगा गया स्पष्टीकरण।


🌼पृष्ठभूमि:
जमुई में एक शिक्षक पर विद्यालय अवधि के दौरान बेंच पर लेटकर  विद्यालय की अन्य शिक्षिका के साथ वीडियो कॉल करने के आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप झारखंड में पदस्थापित एक विंग कमांडर अधिकारी के द्वारा दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
🌼प्रमुख प्रश्न एवं मुद्दे:
1. शिकायत के साक्ष्य:
   - क्या कार्यालय अवधि के दौरान किए गए शिकायत को लेकर शिकायतकर्ता ने कोई साक्ष्य उपलब्ध करवाया है?
2. वीडियो कॉलिंग का समय:
   - क्या वीडियो कॉलिंग शिक्षण अवधि के दौरान किया गया अथवा लंच अवधि के दौरान?

3. स्पष्टीकरण पत्र की विवरण:
   - स्पष्टीकरण हेतु जारी पत्र में वीडियो कॉल के समय की कोई चर्चा क्यों नहीं की गई है?

4. लंच अवधि में कॉल:
   - क्या शनिवार को लंच अवधि के पश्चात् जब बच्चे घर चले जाते हैं अथवा लंच ब्रेक के दौरान शिक्षकों को अपने परिजनों से कॉल पर बातचीत करना अपराध है?

5. अन्य कार्यालयों में पाबंदी:
   - क्या बिहार के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी इस तरह की पाबंदी एवं तालिबानी कानून का पालन किया जाता है?

6. निजता के कानून का उल्लंघन:
   - क्या शिकायतकर्ता द्वारा किसी सरकारी कार्यालय में इस तरह की हरकत करना निजता के कानून एवं भारतीय दंड संहिता के अन्य धाराओं के तहत अपराध नहीं माना जाएगा?

7. मौखिक शिकायत का आधार:
   - क्या मौखिक शिकायत के आधार पर शिक्षक से स्पष्टीकरण की मांग करना उचित है?
🌼 निष्कर्ष:
यह रिपोर्ट उपरोक्त प्रश्नों और मुद्दों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत की गई है। मामले की विस्तृत जांच और उचित साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष पर पहुँचना उचित होगा। शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों एवं निजता का सम्मान किया जाना चाहिए।

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Thursday, January 16, 2025

8वां वेतन आयोग को सरकार ने दी मंजूरी।सरकारी कर्मचारियों के मोदी सरकार का तोहफा।

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भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। 8वां वेतन आयोग 2026 से लागू होने जा रहा है, जिससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कैबिनेट मीटिंग के बाद इस खबर की पुष्टि की। 
🌼 8वां वेतन आयोग: क्या है खास?

8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और वित्तीय लाभों की समीक्षा करेगा। यह आयोग मौजूदा आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें देगा। आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य होंगे, जिनके नाम का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।
🌼 7वें वेतन आयोग का इतिहास:

7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था और इसका प्रभाव दस साल तक रहेगा। अब 8वां वेतन आयोग 2026 से लागू किया जाएगा। 1947 से अब तक कुल 7 वेतन आयोगों का गठन हुआ है, और 8वां वेतन आयोग इस श्रृंखला में अगला कदम है।

🌼8वें वेतन आयोग का गठन:
8वें वेतन आयोग का गठन 2025 में होगा, ताकि इसके सुझाव, सिफारिशें आदि समय पर आ सकें। इस आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य होंगे, जिनके नाम का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। यह आयोग मौजूदा आर्थिक स्थितियों का विश्लेषण करेगा और उसके आधार पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में सुधार के लिए सिफारिशें देगा।संयुक्‍त सलाहकार समिति की राष्‍ट्रीय परिषद ने सरकार से 8वें वेतन आयोग के साथ फिटमेंट फैक्‍टर बढ़ाने की भी मांग की है। 

🌼समझें सैलरी का कैलकुलेशन:
अगर आप 7वें वेतन आयोग का कैलकुलेशन देखें तो पाएंगे कि इसके लागू होने से पहले न्‍यूनतम बेसिक सैलरी (Basic Salary) सिर्फ 7 हजार रुपये थी। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्‍टर 2.57 कर दिया गया। इसके बाद न्‍यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 18 हजार रुपये हो गई। मतलब इससे पहले की 7 हजार रुपये की बेसिक सैलरी को 2.57 गुना करके 18 हजार कर दिया गया। अब अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्‍टर 2.86 किया जाता है तो न्‍यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार से बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब साफ है कि सैलरी में करीब 3 गुने का इजाफा हो सकता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्‍टर की दर 2.57 थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 2.86 करने की मांग की चल रही है। हालांकि सरकार इसे 1.70 करने पर विचार कर रही है।


🌼सरकारी कर्मचारियों पर असर:
8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसका उद्देश्य उनके जीवन स्तर और वित्तीय खुशहाली को बढ़ाना है। आयोग में अर्थशास्त्री, प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो गहन विश्लेषण के बाद सिफारिशें देंगे। 

🌼वेतन आयोग का महत्व:
भारत सरकार समय-समय पर वेतन आयोग का गठन करती है, ताकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन की संरचना का आकलन किया जा सके। यह आयोग आर्थिक कारकों के आधार पर मुआवज़ा पैकेज निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वेतन आयोग की सिफारिशें केंद्र, राज्य और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रभावित करती हैं।

🌼 आगामी समय में बदलाव:
8वें वेतन आयोग की स्वीकृति के साथ ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना है। आयोग की सिफारिशें आने वाले वर्षों में वेतन समायोजन और कर्मचारी मुआवजे से संबंधित आर्थिक नीतियों को प्रभावित करेंगी।

🌼 निष्कर्ष:
8वां वेतन आयोग भारत भर में लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उनकी वेतन संरचना में सुधार होगा और भविष्य में वेतन समायोजन और कर्मचारी मुआवजे से संबंधित आर्थिक नीतियों को प्रभावित करेगा। यह घोषणा सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशहाली का संदेश लेकर आई है।

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Wednesday, December 4, 2024

टीचर ट्रांसफर रिक्वेस्ट के दौरान आने वाली समस्या एवं उसका निदान। जानिए विस्तार से पूरा प्रॉसेस,कैसे करें अप्लाई।

यदि ट्रांसफर रिक्वेस्ट करते समय आपको "आपका पंचायत मिसिंग है, DPO SSA से संपर्क करें" संदेश मिल रहा है, तो नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें:

1. वेबसाइट पर जाएं: 
   🌼 eshikshakosh.bihar.gov.in पर जाएं।
   🌼 "स्कूल" बटन पर क्लिक करें।

2. स्कूल रजिस्ट्रेशन:
   🌼 यहां "स्कूल रजिस्ट्रेशन" टैब दिखाई देगा।
   🌼 आपके विद्यालय का UDISE कोड एवं नाम प्रदर्शित होगा।
   🌼 दाहिनी तरफ "EDIT" या "MODIFY REQUEST" का ऑप्शन होगा, या "PENDING AT BEO" प्रदर्शित हो सकता है।

3. EDIT ऑप्शन:
   🌼 यदि "EDIT" का ऑप्शन दिखाई दे रहा है, तो प्रोफाइल एडिट करें।
   🌼 पंचायत का डाटा डालकर सेव करें।
   🌼 वेरीफाई के लिए "SEND TO BEO" या "SEND FOR VERIFY" करें।

4. MODIFY REQUEST:
   🌼 यदि प्रोफाइल पहले से वेरीफाई है, तो "MODIFY REQUEST" करें।
   🌼 प्रखंड के डाटा एंट्री ऑपरेटर से अप्रूव करवाएं।
   🌼 अप्रूवल के बाद, एडिट कर सकते हैं।

5. PENDING AT BEO:
   🌼 यदि प्रोफाइल "PENDING AT BEO" है, तो पहले वेरीफाई करवाएं।
   🌼 उसके बाद "MODIFY REQUEST" भेजें।
   🌼 पंचायत का डाटा एडिट कर पुनः वेरीफाई के लिए रिक्वेस्ट सेंड करें।

यह प्रक्रिया आपके ट्रांसफर रिक्वेस्ट में आने वाली समस्या का समाधान करने में मदद करेगी।
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कृपया सुनिश्चित करें कि सभी चरणों को ठीक से पूरा करें ताकि आपका ट्रांसफर रिक्वेस्ट सफलतापूर्वक सबमिट हो सके। 👍🏻
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Monday, November 18, 2024

बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हाईकोर्ट का स्टे,ट्रांसफर पोस्टिंग की राह देख रहे शिक्षकों को बड़ा झटका।


पटना: बिहार में ट्रांसफर की राह देख रहे शिक्षकों को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पटना हाईकोर्ट ने राज्य में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर फिलहाल रोक लगा दी है।
🌼घटनाक्रम का विवरण:
हाल ही में, बिहार सरकार ने शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की नई नीति लागू की थी। इसके तहत शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों से उनकी पसंदीदा पोस्टिंग के लिए आवेदन मांगे गए थे। लेकिन, इस नीति के खिलाफ औरंगाबाद के शिक्षकों द्वारा पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।
🌼कोर्ट में सुनवाई:
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए, पटना हाईकोर्ट ने ट्रांसफर-पोस्टिंग पर फिलहाल रोक लगा दी। अदालत में शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने और राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर ने अपने पक्ष रखे। जस्टिस प्रभात कुमार सिंह की अदालत ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

🌼प्रभाव का आकलन:
इस फैसले का असर लाखों शिक्षकों पर पड़ा है जो अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे। यह निर्णय राज्य सरकार के लिए भी एक बड़ा झटका साबित हुआ है, जिसे अब अपनी नीति पर पुनर्विचार करना होगा।

🌼वरीय अधिवक्ता ललित किशोर का तर्क: राज्य सरकार ने शिक्षकों को 22 नवंबर 2024 तक स्थानांतरण और पदस्थापन के लिए विकल्प देने का निर्देश दिया था। सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षक इस तारीख तक विकल्प नहीं देंगे, तो राज्य सरकार अपने स्तर पर निर्णय लेगी।
  
🌼अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार का तर्क: औरंगाबाद के शिक्षकों की ओर से दायर याचिका में यह कहा गया कि राज्य सरकार ने पुरुष शिक्षकों को दस सब-डिवीज़न और महिला शिक्षकों को दस पंचायतों का विकल्प दिया था, जो 2023 के नियमों के विरुद्ध है। 

🌼पहले के नियम:2023 के अनुसार पुरुष और महिला शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प दिया गया था, जबकि नए नियम में विकल्प बढ़ा दिया गया है।

🌼आंकड़ों में:
1. गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अनुसार ई शिक्षाकोष पोर्टल पर करीब 1,50,000 से अधिक शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था।
2. ज्ञात आंकड़ों के अनुसार लगभग 75% शिक्षकों ने अपनी पसंदीदा पोस्टिंग के लिए आवेदन किया था।
3. इसमें से करीब 60% से अधिक शिक्षक सरकार की नई नीति का समर्थन कर रहे थे।

🌼प्रभाव और प्रतिक्रिया:
        शिक्षकों का असमंजस: ट्रांसफर का इंतजार कर रहे बिहार के लाखों शिक्षक इस फैसले से प्रभावित होंगे। 
         सरकार का झटका: राज्य सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार करना पड़ेगा, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।

🌼निष्कर्ष:
पटना हाईकोर्ट के इस फैसले ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था के सुधार की दिशा में नई चुनौती खड़ी कर दी है। यह निर्णय राज्य सरकार और शिक्षकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है और अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होने की संभावना है।
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बिहार के शिक्षा विभाग का ऑफिशियल ट्विटर(X) एकाउंट हुआ हैक, साइबर अपराधियों ने बदला नाम और प्रोफाइल फोटो , मचा हड़कंप

                    TeacherNama हैकर्स ने बिहार में साइबर अपराध की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया है।साइबर अपराधियों ने शिक्षा विभाग...