क्या आप इस तथ्य से अवगत हैं कि आपके 6 दिन के प्रशिक्षण पर सरकार ₹12000 खर्च करती है? सोचिए, कितने बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा है।
आखिर इस खुल्लमखुल्ला चल रही धांधली की असलियत क्या है?
डायट सेंटर में कमरे पहले से ही उपलब्ध हैं। एक बार गद्दा-बिस्तर लगने के बाद, कई महीने तक वही रहता है।
खाने का खर्च:
- अच्छे होटल में ₹120 की स्पेशल थाली मिल जाती है।
- दो टाइम का खाना = ₹240
- नाश्ता = ₹50
- कुल लागत = ₹290
- साफ-सफाई का खर्च = ₹100
- एक दिन का कुल खर्च = ₹390
मोटी-मोटी कुल खर्च = ₹400 प्रति दिन
पूरी ट्रेनिंग का खर्च:
6 दिन × ₹400 = ₹2400
सरकार से मिल रही राशि:
₹4800 + ₹7200 = ₹12000
खर्च कितना हुआ: ₹4000
और एक बात इसमें डायट के कर्मचारियों की सैलरी शामिल नहीं है। जो कि।अपने आप में एक विचित्र बात है।
🌼 आखिर यह बचा हुआ ₹8000 किसकी जेब में जा रहा है। सोचिए और समझिए कि बिहार की जनता के टैक्स के पैसे का कैसे दुरुपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि शिक्षा विभाग अधिकारी एक ही प्रशिक्षण को बार बार दोहराते हुए चल रहे प्रशिक्षण पर जोर देते हैं।
🌼 इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सभी शिक्षक साथियों को पता चले कि उनके ऊपर कितना खर्च हो रहा है।
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