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बिहार के यूनिवर्सिटी के सारे वीसी को अपने ऑफिस में बुलाने पर अड़े शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक को आज पटना हाईकोर्ट ने करारा झटका दिया।केके पाठक द्वारा बुलायी गयी कई बैठकों में कोई VC नहीं पहुंचे थे जिसके बाद शिक्षा विभाग ने सारे यूनिवर्सिटी के बैंक खातों को फ्रिज करा दिया था।हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से बैंक खातों पर लगी रोक को हटा दिया। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में सारे वीसी की बैठक बुलाने पर भी रोक लगा दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा विभाग की यूनिवर्सिटी के साथ बैठक होगी लेकिन उसकी अध्यक्षता केके पाठक नहीं करेंगे।बैठक शिक्षा विभाग में नहीं होगी बल्कि किसी तटस्थ जगह पर होगी।पूरे बैठक की वीडियो रिकार्डिंग होगी।इस बीच केके पाठक या शिक्षा विभाग किसी वीसी या यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर पायेंगे।
दरअसल, बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सारे यूनिवर्सिटी के बैंक खातों को फ्रि कर दिया था।जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन-पेंशन रूक गया है। यूनिवर्सिटी के छोटे मोटे खर्चे के लिए भी पैसे नहीं जुट रहे थे।इसके खिलाफ सारे विश्वविद्यालयों ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था।आज जस्टिस अंजनी कुमार शरण की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता पीके शाही और राज्यपाल की ओर से पेश हुए एएसजी ने आपसी सहमति जतायी कि शिक्षा विभाग के बजाय किसी तटस्थ स्थान पर वीसी की बैठक हो।हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 06 मई को पटना के होटल मौर्या में यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों के साथ शिक्षा विभाग की बैठक होगी।इसका सारा खर्च शिक्षा विभाग वहन करेगा।ये एक सद्भावना बैठक होगी जिससे कि यूनिवर्सिटी और शिक्षा विभाग के बीच तनाव को खत्म किया जा सके।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस बैठक में सारे यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और वित्तीय सलाहकार के साथ साथ बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक और दूसरे अधिकारी मौजूद रहेंगे।ये सारे लोग बैठक में शामिल होंगे लेकिन कोई भी बैठक की अध्यक्षता नहीं करेगा।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर बिहार सरकार के मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा उस दिन फ्री होंगे तो वे बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं।लेकिन अगर उन्हें समय नहीं होगा तो बैठक होगी और सारे मुद्दों पर चर्चा होगी। हाईकोर्ट ने कहा है कि बैठक की पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग की जायेगी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस बीच विश्वविद्यालयों के खातों पर लगी रोक को हटाया जाता है. यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के वेतन पर रोक को भी हाईकोर्ट ने हटा दिया है।हाईकोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी अपने शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का तत्काल भुगतान करे। वहीं,परीक्षा लेने की भी तैयारी की जाये ताकि शैक्षणिक सत्र को सही रखा जा सके और छात्रों को परेशानी नहीं हो।हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की है. उस दिन कोर्ट सारे घटनाक्रम की पड़ताल कर आदेश सुनायेगी।
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