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Tuesday, May 21, 2024

सावधान!!! बाबा की तिरछी नजर अब टोला सेवक एवं तालीमी मरकज पर। अधिक जानकारी के लिए पढ़िए नया फरमान।

तो प्रिय शिक्षक साथियों🙏
कैसे हैं आप। उम्मीद करते है बेहतर ही होंगे।
(अगर बाबा के प्रकोप से अब तक बचे हुए हो तो!!!)
वैसे आज का ब्लॉग बहुत ही खास होने वाला है।क्योंकि यह बाबा के फैन्स के बारे में हैं।अब जरा इस नए फरमान पर एक नजर डालिए...
๑۩۞۩TeacherNama۩۞۩๑
अबकी बार बाबा की लाठी पड़ी है बेचारे शिक्षा सेवकों/तालीमी मरकज पर। रातों रात अप्रत्याशित दोहरे मानदेय एवं बाबा के खासमखास निरीक्षण पदाधिकारी बनकर मौज उड़ाने के इनके दिन अब लदने वाले हैं।बहुत मौज काटी शिक्षकों की निगरानी करने के बहाने। कई जिलों से शिक्षकों की ऐसी शिकायते आ रही थी की कभी निरीक्षण प्रपत्र भरने तो कभी VC का धौंस जमाकर अक्सर विद्यालयों से फरार रहने वाले शिक्षा सेवक/तालीमी मरकज अपना मूल कर्तव्य और जिम्मेदारियों से कन्नी काटने लगे थे। यहां तक की बेचारे प्रधानाध्यापक भी उनसे आंखे चुराने लगे थे क्योंकि निरीक्षण वाली लगाम के बहाने उनकी भी दुखती रग जो इनके हाथों में थी। पर भईया ये समय का पहिया है... घूमेगा ही। अब बाबा का फुल फोकस इन पर आ गया है। तो जितनी जल्दी संभल जाएं उतना बेहतर होगा।वैसे भी 100% मानदेय में बढ़ोत्तरी देकर बाबा इनको अपना फैन तो बहुत पहले ही बना चुके हैं। हालिया दिनों में ट्रेनिंग के नाम पर विभिन्न ट्रेनिंग संस्थानों में पिकनिक पर भी भेज चुके हैं ।
बाकी फैन लोग अपने प्यारे पाठक बाबा के फरमान खुद पढ़ लें। जिसमें अब शिक्षा सेवकों को उनकी जिम्मेदारियां एवं कर्तव्यों का बोध कराया गया है।चौंकिए मत! उन्हीं का VC में दिया हुआ निर्देश है।डीपीओ महोदय तो बस एक माध्यम हैं उनका फरमान आप तक पहुंचाने का। बाबा जी तो नेपथ्य में बैठे मंद मंद मुस्करा रहे होंगे।
वैसे उपरोक्त पत्र में वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि शिक्षा सेवकों/तालीमी मरकज पर इस बार विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है, जिससे उनके द्वारा की जा रही मनमानी पर रोक लग सके। यहाँ कुछ प्रमुख बिंदु हैं जिन्हें समझा जा सकता है:

1. दोहरे मानदेय एवं निरीक्षण पदाधिकारियों की स्थिति:
शिक्षा सेवकों को हाल में मानदेय में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी और विशेषाधिकार दिए गए थे, जिससे उन्हें अनुचित लाभ उठाने का अवसर मिला। वे अक्सर शिक्षकों की निगरानी के बहाने अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहते थे।

2. शिकायतें एवं निरीक्षण: विभिन्न जिलों से शिक्षा सेवकों के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही थीं कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभा रहे थे और विद्यालयों में सिर्फ कागजी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे।

3. प्रधानाध्यापकों की शिकायतें: प्रधानाध्यापक भी इन दिनों शिक्षा सेवकों से काफी परेशान थे, क्योंकि निरीक्षण की धमकी देकर वे प्रधानाध्यापकों को भी प्रभावित करते थे। कहीं कहीं तो निरीक्षण के नाम पर उनसे अवैध वसूली की भी शिकायतें आ रही थीं।

4. ACS के के पाठक का हस्तक्षेप: इन कारणों से विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा सेवकों को उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं और उनके कार्यों की समीक्षा शुरू की गई है।

5. प्रशिक्षण एवं मानदेय: विभाग ने शिक्षा सेवकों का मानदेय बढ़ाकर और उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में भेजकर उनकी योग्यता बढ़ाने का प्रयास किया है। इससे यह उम्मीद की जाती है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें।

6. नए नियम एवं निर्देश:गौरतलब है की पूर्व में सरकार ने भी टोला सेवकों को उनके नए नामकरण "शिक्षा सेवक" से नवाजा है और उन्हें स्पष्ट रूप से उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराया गया है।अतः डीपीओ (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता) के माध्यम से ये निर्देश शिक्षा सेवकों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

**निष्कर्ष**: शिक्षा सेवकों पर यह कार्रवाई आवश्यक थी ताकि वे अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करें और विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। विभाग की इस कार्रवाई से शिक्षा सेवकों को अपने कार्यों के प्रति गंभीरता बरतनी होगी और वे अब अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ पाएंगे।
๑۩۞۩TeacherNama۩۞۩๑ टीम के सबसे काबिल रिर्पोटर की 🖋️ से

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