अररिया, बिहार - जिले के 12 महिला शिक्षिकाओं को गलत तरीके से बिहारी बनकर आरक्षण का लाभ लेने के मामले में शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया है। इन शिक्षकों के शिक्षक पात्रता परीक्षा में 60 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण उनकी उम्मीदवारी निरस्त करने योग्य है।
**प्रमुख बिंदु:
**शिक्षकों की संख्या: 12 महिला शिक्षिकाएं
*मामला:गलत निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ
*शिक्षक पात्रता परीक्षा:60 प्रतिशत से कम अंक
*नोटिस जारी करने वाला अधिकारी: डीपीओ स्थापना रवि रंजन
*प्रमाण पत्र सत्यापन: बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या 26/2023 के तहत
डीपीओ स्थापना रवि रंजन ने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग के निहित प्रावधान के अनुसार विद्यालय अध्यापक के लिए शिक्षक पात्रता की योग्यता पूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार राज्य के निवासियों को ही देय है।
आगे की कार्रवाई:
शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया है और पाया कि ये प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं। इस आधार पर इनकी उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है।
यह कदम शिक्षा विभाग द्वारा आरक्षण के दुरुपयोग को रोकने और योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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