शिक्षा विभाग में अधिकारियों के तुगलकी फरमानों की तामिल ना होने पर कर्मचारीयों के वेतन कटौती के द्वारा ब्लैकमेलिंग का नया खेल शुरू किया गया है।विद्यालय निरीक्षण के दौरान अधिकारी निरीक्षण कर्मियों पर अनावश्यक एवं गैर कानूनी तरीके से दबाव डालकर उन्हें शिक्षकों से जबरन वसूली के लिए उकसा रहे हैं।वेतन कटौती का फंडा बस "फंड कलेक्शन" है। शिक्षकों को इसका पुरजोर विरोध करना होगा। किसी सरकारी महकमे के द्वारा अपने कर्मचारियों को वसूली एजेंट में तब्दील करके उन्हें टारगेट देकर अवैध वसूली करवाने का ऐसा अजीबो गरीब मामला आज तक कहीं देखने को नहीं मिला है। हालिया प्रकरण में रोहतास में एक भी शिक्षक अनुपस्थित नहीं पाये जाने के कारण 8 प्रखंडों के BEO का एक दिन की वेतन की कटौती की गई है।जो समूचे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बिहार के शिक्षा विभाग के विभिन्न जिला कार्यालय के द्वारा एक के बाद एक ऐसे विचित्र पत्रों के जारी होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है जिसमें अधिकारीयों के द्वारा निरीक्षण कर्मियों पर अनावश्यक व अवैध रूप से दबाव बनाकर शिक्षकों पर कार्रवाई को उकसाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी अब निरीक्षण कर्मियों को ब्लैकमेल करके शिक्षकों पर कार्रवाई का टारगेट पूरा करने का दबाव बना रहे हैं।
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