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Tuesday, May 14, 2024

बिहार के शिक्षकों का प्रातः कालीन सत्र में दैनिक दिनचर्या पर एक नजर।

बिहार के शिक्षकों का प्रातः कालीन सत्र में दैनिक शेड्यूल 

एक शिक्षक के तौर पर बिहार सरकार के द्वारा शिक्षकों पर किए जा रहे अमानवीय व्यवहार का अंदाजा आप इस छोटे से आकलन के द्वारा लगा सकते हैं।जो शिक्षा विभाग के द्वारा विद्यालयों के समय सारणी में किए गए हालिया बदलाव से संबंधित आदेश पर आधारित है।
आइए देखते हैं एक आम भारतीय इंसान (यदि वह बिहार का शिक्षक हो) की जीवनशैली पर इस आदेश का क्या प्रभाव पड़ता है।
(1) यदि विद्यालय प्रातः 6:00 बजे खुलता है और आपको विद्यालय 15 मिनट पहले आना होगा तो ,
6:00-0:15=05:45AM

(2) यदि आपका घर 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और आप औसतन 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बाइक चलाते हैं तो 22.5=25 Mint.
05:45-0:25=05:20AM

(3)यदि आप तैयार होने में औसतन 15 मिनट (पुरुष )और 30 मिनट (महिला) समय लेते हैं तो 
05:20-0:15=05:05(M)AM
05:20-0:30=04:50(F)AM

(4)यदि आप स्नान करने में 15 मिनट पुरुष और 30 मिनट महिला लगाते हैं तो
05:05-0:15=04:50(M)
04:50-0:30=04:20(F)AM

(5) यदि आप खाना बनाने में औसतन डेढ़ घंटा का समय लेते हैं क्योंकि विद्यालय 1:30 अपराह्न तक चलेगा और टिफिन साथ रखना होगा क्योंकि आप विद्यालय में खाना नहीं सकते हैं तो
04:50-01:30=03:20(M)AM
04:20-01:30=02:50(F)AM

(6) यदि आप स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह नहीं है और वॉकिंग जॉगिंग इत्यादि में दैनिक रूप से औसतन 30 मिनट समय देते हैं तो 
03:20-0:30=02:50(M)AM
02:50-0:30=02:20(F)AM

(7)यदि आप नित्य क्रिया में दैनिक रूप से 15 मिनट समय लगाते हैं तो इस आधार पर औसतन आपको रात के 2 से 2:30 के बीच जागना होगा और तैयारी शुरू करनी होगी और आप शिक्षक से( रोबोटिक निशाचर) किस श्रेणी में आ जाते हैं।

अर्थात आप दो बजे प्रातः जागकर पूरे दिन के कार्यों को निपटाकर प्रतिदिन रात्रि में 9 बजे सोने जाते है। तो आपको केवल 5 घंटे की नींद नसीब होगी।क्या एक आम इंसान इस जीवनशैली को अपनाकर आपने को स्वास्थ्य की रक्षा कर सकता हैं। विभाग आपकी सारी छुट्टियां रद्द करके आपके सामाजिक और पारिवारिक जीवन को तो पहले ही बर्बाद कर चुकी है। 8घंटे की ड्यूटी के पश्चात मिशन दक्ष के नाम पर आपका शारीरिक एयर मानसिक शोषण तो दिसम्बर से चल रहा है। अब इन नए नए तुगलकी फरमानों के माध्यम से सरकार 4.5 लाख परिवारों से उनके लिए रोजी रोटी कमाने वाले की जिंदगी से खिलवाड़ करके उनके मुंह का निवाला भी छीनना चाहती है। बिहार में चल रहे इस तानाशाही का अंत अब अगर नही किया गया तो आने वाले समय में स्थिति अब काफी विस्फोटक स्वरूप ले सकती है।

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