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Sunday, May 19, 2024

शिक्षा विभाग में स्कूल टाइमिंग में बदलाव की आड़ में चल रहा सरकारी पैसे के बंदरबाट का खेल। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन पर विभाग के अधिकारियों पर उठ रहे सवाल।

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 बिहार शिक्षा विभाग में चल रहे लूट खसोट के मामले अब एक एक करके उजागर होने लगें हैं।स्कूल टाइमिंग में सबको उलझाकर घोटालों को दबाने की अधिकारीयों कोशिशों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है। कभी बेंच-डेस्क घोटाला,बोरिंग घोटाला,चहारदीवारी निर्माण से लेकर थाली की खरीद फरोख्त में चल रहे घोटाले हों या फर्जी शिक्षकों को वेतन देने में हुई धांधली एक एक कर सारी गड़बड़ियों की पोल पट्टी खुलते जा रही है।
इसी क्रम में भोजपुर जिले में उजागर हुआ बेंच डेस्क घोटाला इन दिनों सुर्खियों में लगातार बना हुआ है।निरीक्षण के क्रम में लगभग 15 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। 
इसके अलावा भागलपुर जिले में स्कूलों में आपूर्ति की गई थालियों की खरीद में बड़ी गड़बड़ी पाई गई है। ज्ञात जानकारी के अनुसार दोगुने कीमतों पर निम्न गुणवत्ता की थालियां खरीदकर डीपीओ पर लगभग एक करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगा है। जिसपर डीईओ कार्यालय चुप्पी साधे हुए है।इन सभी मामलों में एजेंसियों के साथ मिलीभगत करके अधिकारियों ने मोटी रकम की कमाई की है। और इससे ध्यान भटकाने के लिए बेवजह भांति भांति के हथकंडे अपनाकर शिक्षकों को टारगेट किया जा रहा है।कभी बेतुके और बिना सिर पैर के पत्रों के माध्यम से शिक्षकों को निशाना बनाया जा रहा है तो कभी स्कूल टाइमिंग में बदलाव करके मीडिया का फोकस डायवर्ट किया जा रहा हैं। लेकिन इन सबके बीच में असली खेल चल रहा सरकारी पैसे के बंदरबांट का। 

इस दौरान हालिया घटनाक्रम में भोजपुर जिले के सरकारी विद्यालयों में विभिन्न सप्लाई एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराए गए बेंच डेस्क की गुणवत्ता की जांच के क्रम में करोड़ों रुपए के गबन का मामला सामने आया है। इसके अलावा जांच के दौरान अधिकांश प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सप्लाई किए गए बेंच डेस्क में कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई है--
🍀बेंच निर्माण में टूटी-फूटी,मुड़ी हुई और कच्ची लड़कियों से बनी पटरियों का प्रयोग।
🍀विभाग द्वारा तय किए गए मानकों की अनदेखी करके आम और शीशम की लकड़ियों के बदले सस्ती लकड़ियों का प्रयोग।
🍀 डेस्क निर्माण में घटिया क्वालिटी के प्लाईवुड का प्रयोग।
🍀 निम्न गुणवत्ता की पतली फ्रेम वाली बेंच की सप्लाई।
जांच के दौरान निरीक्षण टीम ने बताया की इन सभी मामलों में एजेंसियों के साथ अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करने पर डीईओ, भोजपुर ने बताया कि एजेंसियों से सप्लाई के पूर्व शपथ पत्र लिया गया है। जिसके आधार पर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावे एजेंसियां शिकायत आने पर संबंधित विद्यालयों में बेंच डेस्क के मरम्मत का कार्य भी करेंगे।

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